2. यही राजपूतनी की मर्यादा है। यही राजपूतनी का धर्म है। मेरा हृदय वज का
बना दो ! माता के हृदय के स्थान पर पत्थर बना दो, जिससे ममता का स्रोत
बंद हो जाए।
(क) राजपूतनी कौन है और उसकी मर्यादा क्या है ?
(ख) वक्ता ऐसा क्यों कह रही है ?
(ग) वक्ता का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(घ) एकांकी का उद्देश्य अपने शब्दों में लिखिए।
Answers
Answered by
0
Answer:
यह रचना बहुत अच्छी लगी आपकी पोस्ट की गई
Similar questions