बाल मजदूरी पर एक लघु नाटिका लिखिए|
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मंच का दृश्य : ( झूठे बर्तन टोकरी में रखे हुए है | पास ही मसाले के डिब्बों की खाली किन्तु अस्वच्छ अलमारी रखी है | एक स्त्री जिसका नाम अलका है, एक बारह वर्ष की बालिका( जिसका नाम बेनी है) से वार्तालाप आरम्भ करती है |)
अलका(निर्देश देते हुए) : देख बेनी, पहले ये बर्तन साफ़ करले फिर अलमारी धो कर रसोईघर में रख देना |
बेनी : (अलका से) जी बीबीजी , अभी करती हूँ |
( बेनी काम से लग जाती है और अपने छोटे - छोटे हाथों से धीरे - धीरे काम करती है |) ( अलका की बेटी(मनु) जो लगभग पंद्रह वर्ष की है , का विद्यालय से हाथ में बस्ता लेकर प्रवेश होता है | वह धडाम से अपना बस्ता कुर्सी पर पटकती है और स्वयं बिस्तर पर लेट जाती है | अलका का प्रवेश )
अलका : क्या हुआ बेटा ! थक गई क्या ? लो संतरे का रस (ऑरेंज ज्यूस) पी लो |
अलका की बेटी (मनु ) : लाओ, (ज्यूस पीने लगती है ) मम्मी मै सच में थक गई हूँ | ( इसी समय बेनी का अलमारी खींचते हुए प्रवेश )
बेनी (डरते हुए) : बीबीजी, यह धोते वक्त थोड़ी - सी टूट गई |
अलका ( जोर से डांटते हुए ) : कैसे लापरवाही से काम करती है ! अच्छे - से नहीं कर सकती क्या ? ( बेनी रोने लगती है )
( अलका की बेटी यह सब देख रही थी, उसे बेनी को रोते देख दुःख महसूस होता है
वह अपनी माँ से पूछती है )
मनु : माँ ये कौन है ?
अलका : ये पड़ोसी की कामवाली बाई की लडकी बेनी है |
मनु (बेनी से) : तुम पढती हो ?
बेनी : नहीं !
| मनु ( माँ से कहती है) : माँ प्लीज तुम कोई और बड़ी उम्र की मेड(कामवाली) रख लो | बेनी से काम मत कराओ क्योंकि इसकी पढने -लिखने तथा खेलने - कूदने की उम्र है | बालमजदूरी को भारत सरकार ने भी कानूनन जुर्म माना है |
मनु (माँ से) : बेनी अभी मुझसे भी 5 वर्ष उम्र में छोटी है माँ, हमें इसे डांटना नहीं चाहिए और हाँ , इससे आप काम नहीं करा सकती क्योंकि चौदह वर्ष से कमउम्र बच्चों से काम करवाना गैरकानूनी भी है माँ | ( वह को बेनी को प्यार करती है | )
मनु (बेनी से) : कल से तुम काम नहीं करोगी बल्कि स्कूल( विद्यालय) जाओगी | मै पापा से कहकर कल ही तुम्हारा नाम स्कूल ( विद्यालय) मे दाखिल करवाउंगी | अभी तुम चलो मेरे साथ, हम दोनों खेलेंगे |
(दोनों हाथ पकड़कर खेलने चले जाते है | माँ काम से लग जाती है | पर्दा गिरता है |)