बापू, यह जग व्यर्थ त्रस्त है,
किया मार्ग तुमने प्रशस्त है।
सत्य, अहिंसा, प्रेम, दया का
खोल गए तुम द्वार।
Answers
Answered by
3
Answer:
can you please Mark me as the BRAINLIEST ❤️✨
Similar questions