चित्र 13.8 में ऑक्सीजन के 1.00×
kg द्रव्यमान के लिए PV/T एवं P में, दो अलग-अलग तापों पर ग्राफ दर्शाये गए हैं।
(a) बिंदुकित रेखा क्या दर्शाती है?
(b) क्या सत्य है :T>T, अथवा T
(c) y-अक्ष पर जहाँ वक्र मिलते हैं वहाँ
का मान क्या है?
(d) यदि हम ऐसे ही ग्राफ 1.00 ×
kg हाइड्रोजन के लिए बनाएँ तो भी क्या उस बिंदु पर जहाँ वक्र y-अक्ष से मिलते हैं
का मान यही होगा? यदि नहीं तो हाइड्रोजन के कितने द्रव्यमान के लिए
का मान (कम दाब और उच्च ताप के क्षेत्र के लिए वही होगा?
का अणु द्रव्यमान = 2.02 u,
का अणु द्रव्यमान = 32.0 u,R = 8.31 J
)
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दो अलग-अलग तापों पर ग्राफ के अनुसार निन्म प्रश्नों के उत्तर।
Explanation:
a) X अक्ष के समान्तर बिंदुकित रेखा दर्शाती है की t nR [ PV/T = nR ] , P से स्वतंत्र है। . इसलिए यह एक आदर्श गैस है।
(b) T1 तापमान पर ग्राफ आदर्श अवस्था के काफी करीब है , इसलिए T1 > T2 .
(c) नियमानुसार
PV = nRT
PV/T = nR
गैस का द्रव्यमान = 1 × 10^-3 kg = 1 g
अणु द्रव्यमान O2 = 32g/mol
मोलो की संख्या = दिया भार /अणु द्रव्यमान
= 1/32
इसलिए
nR = 1/32 × 8.314 = 0.26 J/K
इसलिए PV/T = 0.26 J/K
(d) 1 g of H2 मोलों की उसी संख्या को प्रदर्शित नहीं करते इस कारण इसका मान अलग होगा।
H2 के मोलों की आवश्यकता 1/32 होगी
H2का द्रव्यमान = H2 के मोल × H2 का आणविक द्रव्यमान
= 1/32 × 2 = 1/16 g
जड़त्व और द्रव्यमान के संबंध को स्पष्ट करें।
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