Art, asked by muskanparaste8, 1 month ago

हीनयान सब क्या समझते हैं​

Answers

Answered by wwwsarasgujar
1

Answer:

Explanation:

प्रथम बौद्ध धर्म की दो ही शाखाएं थीं, HINAYANK निम्न वर्ग और महायान उच्च वर्ग, हीनयान एक व्‍यक्त वादी धर्म था इसका शाब्दिक अर्थ है निम्‍न मार्ग। यह मार्ग केवल भिुक्षुओं के ही संभव था। हीनयान संप्रदाय के लोग परिवर्तन अथवा सुधार के विरोधी थे। यह बौद्ध धर्म के प्राचीन आदर्शों का ज्‍यों त्‍यों बनाए रखना चाहते थे। हीनयान संप्रदाय के सभी ग्रंथ पाली भाषा मे लिखे गए हैं। हीनयान बुद्धजी की पूजा भगवान के रूप मे न करके बुद्धजी को केवल महापुरुष मानते थे। हीनयान की साधना अत्‍यंत कठोर थी तथा वे भिक्षुु जीवन के हिमायती थे। हीनयान संप्रदाय श्रीलंका, बर्मा, जावा आदि देशों मे फैला हुआ है। बाद मे यह संप्रदाय दो भागों मे विभाजित हो गया- वैभाष्क एवं सौत्रान्तिक। वैभाष मत की उत्‍पत्ति कश्‍मीर मे हुई थी तथा सौतांत्रिक तंत्र मंत्र से संबंधित था। सौतांत्रिक संप्रदाय का सिद्धांत मंजूश्रीमूलकल्‍प एवं गुहा सामाज नामक ग्रंथ मे मिलता है।

Answered by Ashely607S
0

Answer:

"अपने आप को प्रतिदिन विश्वास दिलाएं कि आप एक अच्छे जीवन के योग्य हैं। तनाव छोड़ें, सांस लें। सकारात्मक रहें, सब ठीक है।"

Similar questions