help me write essay on holi on hindi
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नमस्कार !!
आपका उत्तर यह रहा-:
•• होली ••
_______
होली हिंदुओं का मुख्य त्यौहार है | यह चैत महीने के प्रथम दिन मनाया जाता हैं | वस्तुत: होली ऋतुराज बसंत के आगमन तिथि फाल्गुन पूर्णिमा पर आनंद और उल्लास का महोत्सव है| यह त्यौहार 'खाओ-पियो और मौज़ मनाओ' का संदेश लेकर आता है | इस त्यौहार में बच्चे, बूढ़े, जवान सभी समान रुप से भाग लेते हैं | यह त्यौहार अधर्म के धर्म, बुराई के ऊपर अच्छाई, दानवत्वत के ऊपर देवताओं की विजय का प्रतीक है | यह रंगों का त्योहार है | इस दिन सभी लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं तथा नए कपड़े पहनते हैं | लोग तरह तरह के पकवान खाते हैं और दूसरों को खिलाते हैं |
होली के एक दिन पहले होलिका जलाई जाती है | यह त्यौहार भी कई पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है | कहा जाता है कि हिरण्यकश्यप एक दानव राजा था | उसने सारी पृथ्वी पर अधिकार कर लिया था और अपने आप को भगवान मानता था | वह चाहता था कि सारी प्रजा उसे भी भगवान माने किंतु उसी का पुत्र प्रह्लाद हरि का भक्त था | उसने अपने पिता को भगवान मानकर पूजने से इंकार कर दिया |
पिता हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को समझाया | उसे जान से मार देने की भी कोशिश की | किंतु हरि की कृपा से वह हर बार बच जाता, हिरण्यकश्यप की बहन होलिका थी | उसे वरदान प्राप्त था कि आग उसे कुछ क्षति नहीं पहुंचा सकती | अंत में हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया कि वह प्रह्लाद को गोद में लेकर धधकती आग में बैठ जाए | होलिका ने वैसा ही किया | होलिका खुद जलकर राख हो गई किंतु प्रह्लाद को कुछ नहीं हुआ, तभी से हम होलिका दहन करते हैं | होली बैर भाव भुलाकर आपसी भाईचारे को बढ़ावा देता है यह पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों को दृढ़ता प्रदान करने वाला पर्व है |
धन्यवाद.....^_^
>> अगर आप मेरे उत्तर से संतुष्ट हैं तो मुझे ब्रेनलिस्ट बना सकते हैं |
☜☆☞☜☆☞☜☆☞
आपका उत्तर यह रहा-:
•• होली ••
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होली हिंदुओं का मुख्य त्यौहार है | यह चैत महीने के प्रथम दिन मनाया जाता हैं | वस्तुत: होली ऋतुराज बसंत के आगमन तिथि फाल्गुन पूर्णिमा पर आनंद और उल्लास का महोत्सव है| यह त्यौहार 'खाओ-पियो और मौज़ मनाओ' का संदेश लेकर आता है | इस त्यौहार में बच्चे, बूढ़े, जवान सभी समान रुप से भाग लेते हैं | यह त्यौहार अधर्म के धर्म, बुराई के ऊपर अच्छाई, दानवत्वत के ऊपर देवताओं की विजय का प्रतीक है | यह रंगों का त्योहार है | इस दिन सभी लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं तथा नए कपड़े पहनते हैं | लोग तरह तरह के पकवान खाते हैं और दूसरों को खिलाते हैं |
होली के एक दिन पहले होलिका जलाई जाती है | यह त्यौहार भी कई पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है | कहा जाता है कि हिरण्यकश्यप एक दानव राजा था | उसने सारी पृथ्वी पर अधिकार कर लिया था और अपने आप को भगवान मानता था | वह चाहता था कि सारी प्रजा उसे भी भगवान माने किंतु उसी का पुत्र प्रह्लाद हरि का भक्त था | उसने अपने पिता को भगवान मानकर पूजने से इंकार कर दिया |
पिता हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को समझाया | उसे जान से मार देने की भी कोशिश की | किंतु हरि की कृपा से वह हर बार बच जाता, हिरण्यकश्यप की बहन होलिका थी | उसे वरदान प्राप्त था कि आग उसे कुछ क्षति नहीं पहुंचा सकती | अंत में हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया कि वह प्रह्लाद को गोद में लेकर धधकती आग में बैठ जाए | होलिका ने वैसा ही किया | होलिका खुद जलकर राख हो गई किंतु प्रह्लाद को कुछ नहीं हुआ, तभी से हम होलिका दहन करते हैं | होली बैर भाव भुलाकर आपसी भाईचारे को बढ़ावा देता है यह पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों को दृढ़ता प्रदान करने वाला पर्व है |
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होली
इसे रंगों के त्यौहार के रूप में जाना जाता है। यह एक बहुत ही पवित्र त्यौहार है। यह त्यौहार 2 दिनों के लिए मनाया जाता है। यह त्यौहार मनाया जाता है क्योंकि इसके पीछे एक पौराणिक कारण है। यही राक्षस राजा हिरण्यशश्यप को अपने पुत्र पुत्र प्रहलाद को छोड़कर हर किसी द्वारा प्रार्थना की जा रही थी। प्रहलाद विष्णु का अनुयायी था। यही कारण है कि उनके पिता ने उन्हें कई बार रोकने के लिए कहा लेकिन हर बार उन्होंने इनकार कर दिया। तब उसके पिता ने अपनी बहन से प्रहलाद के साथ आग में बैठने को कहा। होलिका को वरदान था कि आग उसे जला नहीं सकती थी। लेकिन होलिका आग में मर गई थी और प्रहलाद सुरक्षित रहे। उस दिन से होली हर साल मनाया जा रहा है। पहले दिन लोग होलिका की पूजा करते हैं और दूसरे दिन वे रंग और पानी के साथ खेलते हैं। वे इसका बहुत आनंद लेते हैं। लोग अलग-अलग मिठाई, स्नैक्स, पेय आदि खाते हैं। वास्तव में होली एक बहुत ही अद्भुत त्यौहार है।
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इसे रंगों के त्यौहार के रूप में जाना जाता है। यह एक बहुत ही पवित्र त्यौहार है। यह त्यौहार 2 दिनों के लिए मनाया जाता है। यह त्यौहार मनाया जाता है क्योंकि इसके पीछे एक पौराणिक कारण है। यही राक्षस राजा हिरण्यशश्यप को अपने पुत्र पुत्र प्रहलाद को छोड़कर हर किसी द्वारा प्रार्थना की जा रही थी। प्रहलाद विष्णु का अनुयायी था। यही कारण है कि उनके पिता ने उन्हें कई बार रोकने के लिए कहा लेकिन हर बार उन्होंने इनकार कर दिया। तब उसके पिता ने अपनी बहन से प्रहलाद के साथ आग में बैठने को कहा। होलिका को वरदान था कि आग उसे जला नहीं सकती थी। लेकिन होलिका आग में मर गई थी और प्रहलाद सुरक्षित रहे। उस दिन से होली हर साल मनाया जा रहा है। पहले दिन लोग होलिका की पूजा करते हैं और दूसरे दिन वे रंग और पानी के साथ खेलते हैं। वे इसका बहुत आनंद लेते हैं। लोग अलग-अलग मिठाई, स्नैक्स, पेय आदि खाते हैं। वास्तव में होली एक बहुत ही अद्भुत त्यौहार है।
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