How does the poem 'No Men Are Foreign' justify that people in all countries of the world are essentially the same ? 80-100 words
Answers
Explanation:
4.. किसी चार संज्ञा शब्द लिखिए:1. स्टीव जॉब्स बचपन से कठिनाइयों में बीता था।अपठित गद्यांश
दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए
एक बंदर बहुल शरारती था | वह लोगों के घरों में जाकर बहुत उधम मचाता था । किसी के बर्तन उठाकर ले जाता था तो किसी का मुँह नोच लेता था | लोग उस बंदर की शरारतों से बहुत परेशान थे | एक दिन उसने पानी से भरा एक वर्तन देखा | वह नहीं जानता था कि उसमें गरम पानी था। जैसे ही उसने बर्तन उठाया गरम पानी उसपर गिर गया। वह दर्द से चिल्लाता हुआ वहाँ से भाग गया।E. Find the type of संज्ञा: (2) 1. स्टीव जॉब्स बचपन से कठिनाइयों में बीता
था।E. Find the type of संज्ञा: (2)
1. स्टीव जॉब्स बचपन से कठिनाइयों में बीता
2. वाराणसी बौद्ध धर्म तथा जैन धर्म का भी
था।
पवित्र तीर्थ है।பெயர்ச்சொல்லின் வகையைக் கண்டறியவும்: (2)
1. ஸ்டீவ் ஜாப்ஸ் சிறுவயதிலிருந்தே சிரமங்களில் வாழ்ந்தார்
2. வாரணாசி பௌத்தம் மற்றும் ஜைன மதம்
3. நதி
இருந்தது.
இது ஒரு புனித யாத்திரை.5. कंप्यूटर कैसा माध्यम है?1. स्टीव जॉब्स बचपन से कठिनाइयों में बीता था।4.. किसी चार संज्ञा शब्द लिखिए:अपठित गद्यांश
दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए
एक बंदर बहुल शरारती था | वह लोगों के घरों में जाकर बहुत उधम मचाता था । किसी के बर्तन उठाकर ले जाता था तो किसी का मुँह नोच लेता था | लोग उस बंदर की शरारतों से बहुत परेशान थे | एक दिन उसने पानी से भरा एक वर्तन देखा | वह नहीं जानता था कि उसमें गरम पानी था। जैसे ही उसने बर्तन उठाया गरम पानी उसपर गिर गया। वह दर्द से चिल्लाता हुआ वहाँ से भाग गया।E. Find the type of संज्ञा: (2) 1. स्टीव जॉब्स बचपन से कठिनाइयों में बीता
था।E. Find the type of संज्ञा: (2)
1. स्टीव जॉब्स बचपन से कठिनाइयों में बीता
2. वाराणसी बौद्ध धर्म तथा जैन धर्म का भी
था।
पवित्र तीर्थ है।5. कम्प्यूटर कैसा माध्यम है?பெயர்ச்சொல்லின் வகையைக் கண்டறியவும்: (2)
1. ஸ்டீவ் ஜாப்ஸ் சிறுவயதிலிருந்தே சிரமங்களில் வாழ்ந்தார்
2. வாரணாசி பௌத்தம் மற்றும் ஜைன மதம்
3. நதி
இருந்தது.
இது ஒரு புனித யாத்திரை.VI . नीचे लिखे (3) शब्दों से वाक्य बनाइए: 3^ * 3=9 1) शिक्षा -2) मेहनत -3) पवित्रा -4) कंप्यूटर
Answer:
The poet justifies the statement that people living in different countries are essentially the same by asserting that 'no men are strange'. Every single body breathes and functions in the same way as ours.