Political Science, asked by SinISteR9943, 9 months ago

इंटरनेशनल पॉलिटी शक्ति के लिए संघर्ष है यह कथन किसने कहा

Answers

Answered by Anonymous
89

Answer:

Given : -

  • इंटरनेशनल पॉलिटी शक्ति के लिए संघर्ष है यह कथन किसने कहा

Answer : -

  • इंटरनेशनल पॉलिटी शक्ति के लिए संघर्ष है यह कथन " हेंस जे, मारगेन्थाउफ " ने कहा

अधिक जानकारी : -

वैचारिक शक्ति-एक विचारधारा लोगों के एक समूह द्वारा साझा किए गए विचारों या विश्वासों का एक संग्रह है।

  • एक विचारधारा दुनिया को देखने के लिए एक खिड़की प्रदान करती है।

  • विचारधारा लोगों को प्रेरित करती है और प्रेरित करती है।

  • विचारधारा एक अधिनियम का औचित्य प्रदान करती है।

  • हर विचारधारा का अपना मसीह और बाइबल है।

  • विचारधारा परिवर्तन का विरोधी है।

  • विचारधारा को विभिन्न रूपों में कहा गया है - जटिल और सरलीकृत - सिद्धांत की व्याख्या करने वाली किताबें और ग्रंथ हैं, नारे और प्रतीक हैं।

  • विचारधाराओं के उदाहरण हैं - समाजवाद, साम्यवाद, फासीवाद, उदारवाद, राष्ट्रवाद, गांधीवाद।

Answered by ushajosyula96
43

Answer:

अंतरराष्ट्रीय संबंध (IR) विभिन्न देशों के बीच संबंधों का अध्ययन है, साथ ही साथ सम्प्रभु राज्यों, अंतर-सरकारी संगठनों (IGOs), अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों (INGOs), गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की भूमिका का भी अध्ययन है। अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध को कभी-कभी 'अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन' (इंटरनेशनल स्टडीज (IS)) के रूप में भी जाना जाता है, हालांकि दोनों शब्द पूरी तरह से पर्याय नहीं हैं।

साधारण शब्दों में 'अंतरराष्ट्रीय राजनीति' का अर्थ है 'राज्यों के मध्य राजनीति करना'। यदि 'राजनीति' के अर्थ का अध्ययन करें तो तीन प्रमुख तत्व सामने आते हैं - (क) समूहों का अस्तित्व; (ख) समूहों के बीच सहमति; तथा (ग) समूहों द्वारा अपने हितों की पूर्ति। इस आशय को यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकलन करें तो ये तीन तत्व मुख्य रूप से - (१) राज्यों का अस्तित्व; (२) राज्यों के बीच संघर्ष; तथा (३) अपने राष्ट्रहितों की पूर्ति हेतु शक्ति का प्रयोग आते हैं । अतः अंतरराष्ट्रीय राजनीति उन क्रियाओं का अध्ययन करना है जिसके अंतर्गत राज्य अपने राष्ट्र हितों की पूर्ति हेतु शक्ति के आधार पर संघर्षरत रहते हैं। इस सन्दर्भ में राष्ट्रीय हित अंतरराष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख लक्ष्य होते हैं; संघर्ष इसका दिशा निर्देश तय करती है; तथा शक्ति इस उद्देश्य प्राप्ति का प्रमुख साधन माना जाता है।

परन्तु उपर्युक्त परिभाषा को हम परम्परागत मान सकते हैं, क्योंकि आज ‘अंतरराष्ट्रीय राजनीति’ का स्थान इससे व्यापक अवधारणा ‘अंतरराष्ट्रीय संबंधों’ ने ले लिया है। इसके अंतर्गत राज्यों के परस्पर संघर्ष के साथ-साथ सहयोगात्मक पहलुओं को भी अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अंतर्गत अध्ययन किया जाता है। इसके अतिरिक्त आज ‘राज्यों’ के अलावा अन्य कई कारक भी अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विषय क्षेत्र बन गए हैं। अतः इसके अंतर्गत आज व्यक्ति, संस्था, संगठन व कई अन्य गैर-राज्य इकाइयाँ भी सम्मिलित हो गई हैं। इसका वर्तमान आधार व विषय क्षेत्र आज काफी व्यापक स्वरूप ले चुका है।

Similar questions