झूम खेती क्या होती है इस और किस नाम से जाना जाता है
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उत्तर.स्थानांतरण कृषि या झूम कृषि एक आदिम प्रकार की कृषि है जिसमें पहले वृक्षों तथा वनस्पतियों को काटकर उन्हें जला दिया जाता है और साफ की गई भूमि को पुराने उपकरणों (लकड़ी के हलों आदि) से जुताई करके बीज बो दिये जाते हैं। जब तक मिट्टी में उर्वरता विद्यमान रहती है इस भूमि पर खेती की जाती है।
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स्थानांतरण कृषि या झूम कृषि (slash and burn farming) एक आदिम प्रकार की कृषि है जिसमें पहले वृक्षों तथा वनस्पतियों को काटकर उन्हें जला दिया जाता है और साफ की गई भूमि को पुराने उपकरणों (लकड़ी के हलों आदि) से जुताई करके बीज बो दिये जाते हैं। जब तक मिट्टी में उर्वरता विद्यमान रहती है इस भूमि पर खेती की जाती है।
झूम कृषि (slash and burn farming) एक आदिम प्रकार की कृषि है जिसमें पहले वृक्षों तथा वनस्पतियों को काटकर उन्हें जला दिया जाता है और साफ की गई भूमि को पुराने उपकरणों (लकड़ी के हलों आदि) से जुताई करके बीज बो दिये जाते हैं। फसल पूर्णतः प्रकृति पर निर्भर होती है और उत्पादन बहुत कम हो पाता है।
झूम खेती -खेती के सबसे पुराने तरीकों में से एक है झूम खेती (slash and burn farming). जंगलों को काटकर, जलाकर क्यारियां बनाई जाती हैं और फसल बोई जाती है. इसके बाद दूसरे स्थान पर इसी तरह खेती की जाती है. यह खेती पहाड़ों विशेषकर मेघालय, अरूणाचलप्रदेश जैसे पूर्वोत्तरी राज्यों में होती है.