कोरोना पर एक कविता लिखिए????
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Explanation:
मिलकर करेंगे मिलकर हराएंगें
हमारा जीवन संकट में है
सभी से दूरी ही रहेंगें
बचाव सब करेंगें
मुंह को बन्द सब करेगें
नाक को भी बन्द करेंगें
समाज में कोई भी एक नहीं होंगें
साबून से हाथ धाेते ही रहेंगें
सुरक्षित रहना है घर पर
सड़क पर नहीं आएंगें
बाहर घूमनें नही जाएंगे
हम कोरोना को हराएगें है
ताकि हमें सांस लेने की दिक्कत न आएं
खांसी न आएं
चीख ना आ सकें
दूसरों से संक्रमण से बच सकें
हम दूसरों को भी कोरोना से सुरक्षित करेंगें
जरूरत की चीजें पुरी करेगें
नियम का पालन करेंगें
हमनें कोरोना को भगाना है
हम कोराना के शिकार नहीं होना चाहते
जिसे सुरक्षा मिलें
हमनें कोरोना से आज़ाद होना है
जिसे हमें कोई बीमारी न हो
हम आज़ादी से घूम सके
समाज में एक हो सके
आज़ादी से सांस ले सकें
घर से बाहर घूमनें आज़ादी से जा सकें
हाथ मिला सकें
हम कोरोना के गुलाम नहीं है
हम कोरोना के गुलाम नहीं होना चाहते
हमें कोरोना का मुकाबला डटकर करेंगें
कोरोना सबकी दुनिया में आना चाहती है
लेकिन हम कोरोना को इस दुनिया से भगाना चाहते है
आओ मिलकर कोरोना हराएंगे भगाएंगे मिटाकर रहेंगें
लो लिख दी कविता मैंने, धरती पर आए दानव की
लिख दिया लेखनी से मैंने, महामारी का काला परचम
मानव की कुछ भूलों से , कैसे निकला मानव का दम।
संस्कारो को भूल गए और पाश्चात्य को अपनाया
जो काम कभी करते थे हम, उनको हमने बिसराया
कन्द, मूल ,फल भूल गए हम, लेग पीस हमें भाया
फिर कोरोना के चक्कर में, हर कोई देखो पछताया।
यदि बढ़ानी है प्रतिरक्षा ,तो नित्य प्रति व्यायाम करो
हर घंटे साबुन से ,हाथो का स्नान जरूरी है
कोरोना से लड़ना है तो ,कर्फ्यू जाम जरूरी है।
और जरूरी है अपनाना पुरातन संस्कृति को
हाथ मिलाना छोड़ आज, नमस्ते वाली रीति को
यदि बचना इससे है तो ,एक अनूठी ढाल जरूरी है
जब भी छींको, खांसो तुम ,मुंह पर रूमाल जरूरी है।
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