क्या होता जब -- जिंक ब्लेंड का भर्जन किया जाता है
Answers
Answer:
selected Aug 29, 2019 by faiz जिंक ब्लेण्ड से जिंक के निष्कर्षण में होने वाली अभिक्रियाएँ निम्नलिखित हैं – 1. a. सान्द्रण (Concentration) – अयस्क को पीसकर फेन प्लवन प्रक्रम द्वारा इसको सान्द्रण किया जाता है। b. भर्जन (Roasting) – सान्द्रित अयस्क का लगभग 1200 K ताप पर वायु की अधिकता में भर्जन किया जाता है जिससे जिंक ऑक्साईड (ZnO) प्राप्त होता है। 1. अपचयन (Reduction) – प्राप्त जिंक ऑक्साइड को चूर्णित कोक के साथ मिलाकर एक फायर क्ले रिटॉर्ट में 1673 K तक गर्म किया जाता है, परिणामस्वरूप यह जिंक धातु में अपचयित हो जाता है। ZnO + C Zn ↓ + CO ↑ 1673 K पर जिंक धातु वाष्पीकृत होकर (क्वथनांक 1180 K) आसवित हो जाती है। 2. विद्युत-अपघटनी शोधन (Electrolytic refining) – अशुद्ध जिंक ऐनोड बनाता है तथा कैथोड शुद्ध जिंक की शीट से बना होता है। विद्युत-अपघट्य तनु H2SO4 से अम्लीकृत ZnSO4 विलयन होता है। विद्युत धारा प्रवाहित करने पर शुद्ध Zn कैथोड पर संगृहीत हो जाता है।Read more on Sarthaks.com - https://www.sarthaks.com/474366/