मैथिलि शरण गुप्त का किन भाषाओं पर
समान अधिकार था?
A) संस्कृत
B) बांग्ला
C) मराठी और अंग्रेजी
D) ब्रज और संस्कृत
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मैथिलि शरण गुप्त का ब्रज और संस्कृत भाषाओं पर समान अधिकार था।
मैथिलि शरण गुप्त एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता थे जो भारत के आधुनिक काव्य के बहुत सारे उत्कृष्ट रचनाकारों में से एक थे। उन्होंने ब्रज और संस्कृत भाषाओं के लिए अपने जीवन भर में समान अधिकार का समर्थन किया था। उनकी कविताएं ब्रज भाषा में लिखी गई थीं और उन्होंने ब्रज भाषा के महत्व को बढ़ावा दिया था। साथ ही, उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व को भी समझाया था और इसे भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना था।
इसलिए, मैथिलि शरण गुप्त ब्रज और संस्कृत भाषाओं पर समान अधिकार वाले थे।
मैथिलि शरण गुप्त भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता थे। वह 3 अगस्त, 1886 को उत्तर प्रदेश के चिरागढ़ में जन्मे थे। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को समर्थन दिया था। मैथिलि शरण गुप्त ने कई काव्य संग्रह लिखे जैसे गंगा, जयसिंह, जीवन यात्रा, विकट भैरव और आवारा मसीहा। उन्होंने अपनी कविताओं में देश भक्ति, स्वतंत्रता और जनमानस की समस्याओं को उजागर किया।
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