मन का आपा खोने का क्या आशय है
Answers
Answered by
11
Answer:
कबीर जी द्वारा रचित यह दोहा बताता है कि मनुष्य को ऐसी वाणी बोलनी चाहिए जो दूसरों को तो सुनने में अच्छी लगे स्वयं के मन को भी शीतल करे ।
भगवान द्वारा दी गई वाणी अगर मीठी , और शीतल हो तो सुनने वाले और बोलने वाले दोनों का मन प्रसन्न रहता है ।
कठोर और कटु वचन ऐसे तीर के समान है जो तरकस से निकल कर फिर वापिस नहीं आते और ह्रदय को कचोटते रहते हैं।
अतः हमेशा मीठे , कोमल वचन बोलने चाहिए ।
Answered by
1
man ka apa khone ka arth hota hai prem, karuna aadi ki bhavna khona
(reference- kabir ki sakhi class 10)
Similar questions
English,
4 months ago
Social Sciences,
4 months ago
Computer Science,
9 months ago
English,
9 months ago
Math,
1 year ago
Social Sciences,
1 year ago
Chemistry,
1 year ago