नीचे दिए गए बिंदु के आधार पर शीर्षक सहित लघु कथा लिखिए :-संजय का मित्र अजय बहुत शरारती है। वह संजय को खेलते समय धक्का दे देता है। संजय क्रोधित हो जाता है और अजय से बदला लेना चाहता है ,परन्तु उसकी माँ उसे समझाती है कि क्रोध को क्रोध से नहीं , बल्कि प्यार से जीता जा सकता है। एक दिन स्कूल से घर आते समय अजय दुर्घटना में घायल हो जाता है और संजय उसे अस्पताल पहुँचाता है। इस घटना के पश्चात अजय को अपनी गलती का आभास होता है और वह संजय से अपने बुरे व्यवहार के लिए क्षमा माँगता है।
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दी गई बिंदु के आधार पर लघु कथा इस प्रकार लिखी गई है।
संजय तथा अजय गहरे मित्र थे। वे बचपन से साथ थे। एक ही पाठशाला में पढ़ते थे। दोनों का स्वभाव बहुत अच्छा था परन्तु अजय थोड़ा शरारती था।
दोनों रोज शाम को स्कूल से लौटने के बाद साथ साथ खेला करते थे।
एक दिन खेलते खेलते अजय को शरारत सूझी , उसने संजय को धक्का दे दिया। संजय गिर जाता है तथा उसे बहुत चोट लगती है, वह गुस्से से आग बबूला हो जाता है।खेल आधे में छोड़कर घर आ जाता है।
संजय को इतने गुस्से में देखकर उसकी मां उससे गुस्से का कारण पूछती है। संजय अपनी मां को बताता है कि किस तरह अजय ने उसे धक्का दिया। उसने यह भी कहा कि अब वह उससे बदला लेगा परन्तु उसकी मां ने उसे समझाया कि क्रोध मत करो, किसी का दिल प्यार से जीता जाता है ।
तुम्हारे अच्छे व्यवहार से एक दिन स्वयं ही अजय को समझ आ जाएगी।
एक दिन स्कूल से लौटते वक्त अजय की साइकिल एक कार से टकरा जाती है तथा अजय घायल हो जाता है, संजय दूसरी साइकिल पर उसके साथ ही था। वह तुरंत किसी की सहायता से अजय को अस्पताल ले जाता है।
डॉक्टर संजय को शाबाशी देते हुए कहते है कि तुम्हारे सही समय पर अजय को अस्पताल लाने के कारण उसकी जान बच गई।
अब अजय को वह अपनी गलती का अहसास होता है, वह संजय को गले लगाकर बहुत रोता है तथा संजय से अपने किए की माफी मांगता है।
सीख - इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हम प्यार से किसी का भी दिल जीत सकते है।
शीर्षक - इस कहानी का उचित शीर्षक होगा प्रेम की शक्ति