Paragraph on कोरोना काल के हीरो in Hindi
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जहां एक ओर देश-दुनिया में फैले कोरोना वायरस से पेनिक हो रहे हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस संकट और संक्रमण के दौर में अपनी सेफ्टी को ताक पर रखते हुए जनता के लिए जरूरी सेवाओं में जुटे हुए हैं। आज हम आपकी मुलाकात कुछ ऐसे ही लोगों से करवा रहे हैं, जो हैं कोरोना के दौर के असली हीरो।कोरोना वायरस की वजह से लोग घरों में कैद हो रहे हैं। लोगों ने जरूरी चीजें स्टोर कर ली हैं और बाहर कम से कम निकल रहे हैं। लेकिन इस सब के बीच कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। डॉक्टर मरीज को देख रहे हैं, पुलिस क्राइम कंट्रोल में लगी है, सफाईकर्मी सफाई में लगे हैं, ड्राइवर बसें चला रहे हैं... ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं जो अपने को खतरे में डालकर ड्यूटी निभा रहे हैं ताकि बाकी लोगों की जिंदगी सही तरह से चले। ऐसे लोगों के जज्बे को एनबीटी सलाम करता है। ऐसे ही कुछ लोगों से बात की पूनम गौड़ और प्रियंका
Explanation:
कोरोना काल में डॉक्टर, नर्स, वार्ड बॉय , पैथोलोजिस्ट , सभी ने कोरोना योद्धा बनकर देश की सेवा की है। भारत में कई महीनो तक लॉकडाउन जारी रहा और अभी भी कुछ हिस्सों में लॉकडाउन जारी है। सभी डॉक्टर और नर्स रात दिन जागकर कोरोना संक्रमित मरीज़ो की भरपूर सेवा कर रहे है। वे इस आपातकालीन स्थिति में कोरोना योद्धा बनकर देश की सेवा में आगे रहे है। उन्होंने जान जोखिम में डालकर अपनी देश , समाज और मरीज़ो के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी की है। लॉकडाउन के वक़्त सामान्य लोगो को असुविधा ना हो इसलिए आवश्यक आपूर्तियों को पूरा करने के लिए दूध , सब्ज़ियां , अखबार इत्यादि का भली भाँती प्रबंध किया गया। इसलिए हमे किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा है। यह इसलिए मुमकिन हो पाया क्यूंकि सभी लोगों ने कोरोना योद्धा बनकर हमे सुविधाएं प्रदान की।
दिन भर पानी और बिजली , दूरसंचार और बैंकिंग जैसी सुविधा लॉकडाउन की विषम परिस्थितियों में बंद नहीं हुयी। यह इसलिए नहीं हुआ क्यों कि इससे जुड़े सारे कर्मचारियों ने इस आपातकालीन विषम परिस्थितियों में बिना रुके एक जुट होकर काम किया। इन्हे हम कोरोना काल में योद्धा के रूप में देखते है जिनकी वजह से आम आदमियों को कठिनाईओं का सामना नहीं करना पड़ा।
लॉकडाउन नियम के लिए दिशानिर्देश है कि प्रत्येक नागरिक को घर में रहना है और सारी राज्य की सीमाएं सील की गयी है। लेकिन कुछ लोग कोरोना संकटकाल में सेवाएं प्रदान कर रहे है ताकि आम नागरिको को नुकसान ना पहुंचे। आवश्यक चीज़ें लॉकडाउन में प्रदान की जा रही है।
किसी भी प्रकार की सामाजिक गड़बड़ी को सुनिश्चित करने के लिए सबसे आगे योद्धा के रूप में स्थानीय पुलिस बल और केंद्रीय सशत्र पुलिस बल रक्षा के लिए खड़े है। कोरोना संकट काल में देश को सुरक्षित रखने और ऐसी कठिन परिस्थितियों को संभालने में उनका भरपूर योगदान रहा है। अभी भी स्थिति समान्य नहीं हुयी है लेकिन वह अपना कर्त्तव्य निभा रहे है।