Question 11:
हीरा और मोती ने शोषण के खिलाफ़ आवाज़ उठाई लेकिन उसके लिए प्रताड़ना भी सही। हीरा-मोती की इस प्रतिक्रिया पर तर्क सहित अपने विचार प्रकट करें।
Class 9 NCERT Hindi Kshitij Chapter दो बैलों की कथा"
Answers
Answered by
290
उत्तर :-
हीरा मोती झूरी के घर आराम से रह रहे थे। वह पूरी मेहनत से झूरी के सारे काम किया करते थे तथा जो मिलता था खा लेते थे। उन्होंने झूरी को कभी शिकायत का मौका नहीं दिया था। झूरी का साल आ गया ले जाने लगा तो उन्हें लगा कि उसे झूरी ने गया के हाथों बेच दिया है। उन्हें गया के साथ जाना पसंद नहीं आया। गया ने उन्हें डंडों से मारा ,खाने के लिए रुखा सुखा दिया। इसे अपना अपमान समझकर रस्सी तोड़कर झूरी के पास लौट आए। उन्हें फिर गया के पास जाना पड़ा। वहां उन पर फिर से अत्याचार हुए। इस बार छोटी बच्ची ने उन्हें आज़ाद कराया। वे अपने घर जा रहे थे सांड से हुए झगड़े में वे रास्ता भटक गए। मटर खाने के चक्कर में उन्हें कांजीहौस में बंद होना पड़ा। वहां दीवार तोड़ने के आरोप में इन पर डंडे बरसाए गए और अंत में एक दढ़ियल के हाथों बिक गए। जब वह दढ़ियल इन्हें ले जा रहा था तो इन्हें अपना घर दिखाई दिया तो वे भागकर वहां आ गए और दढ़ियल को मोती ने सींग चला कर भगा दिया। इस प्रकार अपनी आज़ादी तथा अपने घर वापसी के लिए किए गए हीरा मोती की कोशिश सार्थक सिद्ध हुई। उन्होंने अनेक मुसीबतों उठाकर भी अपना अधिकार प्राप्त कर लिया।
आशा है कि यह उत्तर आपकी मदद करेगा।।।
हीरा मोती झूरी के घर आराम से रह रहे थे। वह पूरी मेहनत से झूरी के सारे काम किया करते थे तथा जो मिलता था खा लेते थे। उन्होंने झूरी को कभी शिकायत का मौका नहीं दिया था। झूरी का साल आ गया ले जाने लगा तो उन्हें लगा कि उसे झूरी ने गया के हाथों बेच दिया है। उन्हें गया के साथ जाना पसंद नहीं आया। गया ने उन्हें डंडों से मारा ,खाने के लिए रुखा सुखा दिया। इसे अपना अपमान समझकर रस्सी तोड़कर झूरी के पास लौट आए। उन्हें फिर गया के पास जाना पड़ा। वहां उन पर फिर से अत्याचार हुए। इस बार छोटी बच्ची ने उन्हें आज़ाद कराया। वे अपने घर जा रहे थे सांड से हुए झगड़े में वे रास्ता भटक गए। मटर खाने के चक्कर में उन्हें कांजीहौस में बंद होना पड़ा। वहां दीवार तोड़ने के आरोप में इन पर डंडे बरसाए गए और अंत में एक दढ़ियल के हाथों बिक गए। जब वह दढ़ियल इन्हें ले जा रहा था तो इन्हें अपना घर दिखाई दिया तो वे भागकर वहां आ गए और दढ़ियल को मोती ने सींग चला कर भगा दिया। इस प्रकार अपनी आज़ादी तथा अपने घर वापसी के लिए किए गए हीरा मोती की कोशिश सार्थक सिद्ध हुई। उन्होंने अनेक मुसीबतों उठाकर भी अपना अधिकार प्राप्त कर लिया।
आशा है कि यह उत्तर आपकी मदद करेगा।।।
Answered by
53
हीरा और मोती शोषण के विरुद्ध है वह हर शोषण के विरुद्ध आवाज उठाते रहे हैं उन्होंने जरूरी के साले गया का विरोध किया तो सूखी रोटियां और डंडे खाए फिर काजीहौस में अन्याय का विरोध किया और बंधन में पड़े मेरे विचार से उन्होंने शोषण का विरोध करके ठीक किया क्योंकि शोषण होकर जीने का क्या लाभ शोषित को भय और आत्मा के सिवा कुछ प्राप्त नहीं होता
Attachments:
![](https://hi-static.z-dn.net/files/de8/dbee6578ce58182b7942b37ffdd084c4.jpg)
Similar questions