Hindi, asked by Anonymous, 9 months ago

रसखान के इन सवैयों का शिक्षक की सहायता से कक्षा में आदर्श वाचन कीजिए। साथ ही किन्हीं दो सवैयों को कंठस्थ कीजिए।​

Answers

Answered by Anonymous
22

Answer:

रसखान

Explanation:

रसखान जी भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त थे।

वो कृष्ण के ही ध्यान में मग्न रहते थे।उन्होंने श्री कृष्ण के मनोहर रूप और उनकी लीलाओं का अलौकिक वर्णन किया है।

रसखान जी ने श्री कृष्ण के लिए बोहोत सवैय

लिहे हैं।रसखान गोवर्धन पर्वत के पाथर बन श्री कृष्ण के रूप के दर्शन करने चाहते थे।

Answered by sksuryaclasses
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Explanation:

6:41 AM 2.5KB/s

betrained.in/CBSE/

की डारन ।।

अर्थ :

इस सवैये में रसखान जी ने ब्रजभूमि के प्रति अपने प्रेम और समर्पण को व्यक्त किया है। वह चाहते है कि उनका जन्म ब्रज की भूमि में ही हो फिर चाहे इंसान के रूप में हो या पशु, पक्षी के रूप में हो या किसी पत्थर या पहाड़ के रूप में हो। उनकी इच्छा है कि अगर वह मनुष्य के रूप में जन्म लेते हैं तो उन्हें गोकुल के ग्वालों के रूप में बसना हैं और अगर वह पशु के रूप में जन्म लेते हैं तो उन्हें नन्द बाबा की गायों के साथ चरना हैं। यदि वह पत्थर के रूप में जन्म लेते हैं तो उन्हें गोवर्धन पर्वत का अंश बनना हैं क्योंकि गोवर्धन पर्वत को श्री कृष्ण भगवान् जी ने अपनी ऊँगली से उठाया था और यदि वह पक्षी के रूप में जन्म लेते हैं तो उन्हें कदम्ब की डाल पर अपना घर बनाना हैं।

दूसरा सवैया :

या लकुटी अरु कामरिया पर राज़ तिहूँ पुर को तजि डारौं।

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