सभी प्रकार की ध्वनियों को लिखकर स्पष्ट करे
please all friends give me correct answer so I will make you a brainlist and I am requesting you please do not write wrong answer
Answers
Answer:
ध्वनियों को निम्नलिखित वर्गों में विभाजित किया गया है।
1 – अपश्रव्य तरंगे (Infrasonic waves)
2 – श्रव्य तरंगे (Sonic waves)
3 – पराश्रव्य तरंगे (Altrasonic waves)
4 – अतिध्वनिक तरंगे (Hypersonic waves)
Explanation:
1 – अपश्रव्य तरंगे(Infrasonic waves) –
‘अपश्रव्य तरंगे’ (Infrasonic waves) उनको कहते हैं। जिनकी आवृति 20hz से भी काम होती है। इसलिए इन तरंगो को हमारे कान सुन नहीं सकते। क्योंकि मनुस्य के कानों में 20Hz से कम की आवृति वाली तरंगो (waves) को सुनने की क्षमता नहीं होती है।
2 – श्रव्य तरंगे (Sonic waves) –
‘श्रव्य तरंगे’ (Sonic waves) उनको कहते हैं। जिनकी आवृति 20Hz से 20000Hz तक होती हैं। इन तरंगो (waves) को मनुस्य कानों द्वारा सुना जा सकता है। क्यूंकि इनको सुनने की क्षमता मनुष्य के कानों में होती है। इसलिए ये उसके लिए उपयुक्त होती हैं।
3 – पराश्रव्य तरंगे (Altrasonic waves) –
‘पराश्रव्य तरंगे’ (Altrasonic waves) उनको कहते हैं। जिनकी आवृति 20000Hz से भी ज्यादा होती है। जो की मनुस्य के सुनने की क्षमता से कही अधिक होती है। इसलिए इनको हमरे कान सुन नहीं पाते हैं। परन्तु कुछ जीव-जन्तु हैं। जो इन तरंगो को सुन सकते हैं। जैसे कुत्ता, बिल्ली, चमगादड़ और मच्छर। चमगादड़ एक ऐसा पक्षी है जो इन तरंगो को सुनने के साथ-साथ इन्हें उत्पन्न भी कर सकता है। ये तरंगें बहुत ही उपयोगी होती हैं। इन तरंगों के माध्यम से बहुत से काम किये जाते हैं।
A – समुद्र की गहराई का पता लगाने में इनका उपयोग किया जाता है।
B – कीमती सामान जैसे गाड़ियों के कल पुर्जे और कपड़ों को साफ़ करने के लिए इसे किया जाता है।
C – मनुस्य के मस्तिष्क में ट्यूमर नमक बीमारी का पता लगाने एवं, गठिया के इलाज के लिए भी इन तरंगो का उपयोग किया जाता है।
D – कल कारखानों की कालिख़ साफ़ करने में भी इनका उपयोग किया जाता है।
E – दूध में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को ख़तम करने में भी इनका उपयोग किया जाता है।
4 – अतिध्वनिक तरंगे (Hypersonic waves) –
जिन तरंगों की आवृति 1GHz से भी अधिक होती हैं। उन्हें अतिध्वनिक तरंगें (Hypersonic waves) कहते हैं। इनकी आवृति इतनी अधिक होती है की, इनको सुनना संभव नहीं है।