English, asked by sapna9, 1 year ago

save fuel for better health and environment in hindi

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Answered by kvnmurty
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        बेहतर पर्यावरण और स्वस्थ्य के लिए (तेल) इंधन की बचत



प्लान:  पहले पर्यावरण, स्वस्थ्य और इंधन के बीच सम्बन्ध जानें, फिर बचत के रस्ते |

           (तेल का मतलब सारे इंधन )

 

   आजकल के दुनिया में इंधन (तेल) हम पर और हमारे जीवन पर पूर्ण अधिकार जमाकर हुकुम चला रहा है| वह ऐसा हुआ कि रोटी, कपड़ा और मकान हैं हमारी मौलिक जरूरतें |  रोटी, कपड़ा या और एक प्यारा सा घर बनाने के लिए या  घरेलु सामान के लिए इंधन की सख्त जरूरत है| तो अपने मर्जी का सम्राट मनुष्य, हो गया इंधन का दास |

 

   लकड़ी, कोयिला, प्राकृतिक गास, पेट्रोलियम और उससे निकले तेल (पेट्रोल, डीज़ल), रसोई गैस, किरोसिन इत्यादि  जीवाश्म (फोसिल) इंधन हम लगातार इस्तेमाल करते हैं |  सारे यंत्र, परिवहन साधनाएं और घरेलु परिकरण सारे जीवाश्म इंधन इस्तेमाल करते हैं| ये सब आजकल बिजली से भी चलते हैं, फिर भी बिजली बनाने के लिए हमें जीवाश्म इंधन का उपयोग जाने और अनजाने में  करते हैं |

 

   पर्यावरण हमारे जीवन का एक मुख्या हिस्सा है| वह आसपास के जल, हवा, वृक्ष, वन्यप्राणी, धातु इत्यादियों का समूह है | हमारे जीवन शैली (का गुणवत्ता) निस्संदेह हमारे पर्यावरण (का गुणवत्ता) पर निर्भर है | बोटम लाइन जो अंग्रेजी में कहते हैं, ये हुआ  “हमारा स्वस्थ्य सिर्फ हमारे ऊपर ही नहीं पर्यावरण ऊपर भी निर्भर  है “ | तो स्वस्थ जीवनयान के लिए साफ और सुधरा पर्यावरण की जरूरत है |

 

   पिछले चार दशकों से बिजली और इलेक्ट्रोनिक उपकरण (गैजेट) की संख्या में जबरदस्त विकास हुआ है| ऊर्जा और इंधन की मांग अथवा इस्तेमाल आकाश छू रहा है | जीवाश्म इंधन जलाने से कार्बन डैओक्सैड और ग्रीनहाउस गैस पैदा होकर पर्यावरण और हमारे  स्वास्थ्य पर नकारात्मक (शैतानी) प्रभाव डाल रहे हैं | इंधनों के अति प्रयोग हमारे पूरे पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र और प्रणाली कुल्हाड़ी मार कर तोड़ रहा है |

 

   उसका फलस्वरूप हमारे साँस में कार्बन डैओक्सैड, कालिख कण, हानिकारक गैस मिले हुए हैं | स्वसन संबंध बीमारियों, तापमान में बढ़त, जलवायु संतुलन में बिगाड़ | ग्लोबल वार्मिंग से ध्रुवों पर का हिम और ऊँचे पर्वतों पर का हिम का तेज पिघलना |  

 

   ग्रीन्होउस गैस (फ्लुरोकार्बन) स्ट्रेटोस्फियर का ओजोन परत में छेद करता है | इन छेदों से सूरज से आती पराबैंगनी (यु.वी.) किरणें हमारे त्वचे को जलाते हैं और कान्सर पैदा करते हैं| बहुत सारे जीव राशी विलुप्त (एक्सटिंक्ट) हो गए |  जीव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र में बाधा और असंतुलन हुआ |  

 

बचाव:



 ⇒ साफ पर्यावरण चाहिए तो इंधन कम इस्तेमाल करें|  इंधन और ऊर्जा की बचाई उनका उत्पाद है |

 ⇒  साझा (शेर्ड) और सार्वजनिक परिवहन (ट्रेम, मेट्रो) की इस्तेमाल,

 ⇒  यातायात संकेतों पर इंजन का बंद करना,

 ⇒  नजदीकी जगह पैदल ही जाना,

 ⇒  साइकिल का इस्तेमाल,

 ⇒  कम प्रदूषक इंधन (ऍल.पि.जी, इथेनोल-85) और यंत्रों (सी.एन.जी) का आविष्कार,

 ⇒  पुराने यंत्र का त्याग,  इन्डक्शन स्टोव का अपनाना,

 ⇒  कम किरोसिन, कोयला और लकड़ी को जलाना,

 ⇒  घरेलु व दफ्तरी उपकरण सिर्फ उपयोगी समय में चलाना,

 ⇒  हरित वाहन का इस्तेमाल ,

 ⇒  वाहनों को सिफारिशी तेजी से चलाना,

 ⇒  वाहनों के इंजन का रखरखाव (मेंटेनेंस), 

 ⇒  ऍल ई डी लैंप, ऍल ई डी, ऍल सी डी टीवी, कम्पूटर मोनिटर को अपनाना, 

 ⇒  भूतापीय ऊर्जा, पवन ऊर्जा, लहरों का ऊर्जा, बिओमास, बिओफ़ुएल, अणुशक्ति का उद्धार, 

 ⇒  सौर्य (सोलार) उपकरण एवं वाहन,

 ⇒  पेड़, पत्ते न जलाना, गिरिजनों,

 ⇒  पहाड़ी इलाकेवालों व स्लमवासियों के जीवंशैल्यी में बदलाव, 

 ⇒  अंतरजातीय प्रामाणिक का पालन, 

 ⇒  खाना या वस्तुओं को न फेंकना और दुरुपयोग रोकना, 

 ⇒  आबादी में घटौती, 

 ⇒  अपने परिवार और दोस्तों के साथ बात करें, समझें, और नए रस्ते निकालना |

 

    यह सब हो सकेगा जब सरकार, नागरिक, विद्यार्धी और औद्योगिक तेल बचाने का सच्चा वादा करें और निभाएं |  सारांश में जीवाश्म इंधन का कम से कम और नये अक्षय साफ इंधनों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल | 

 

    धुआं कम तो स्वास्थ्य उत्तम |      सोच भला, कर भला तो हो भला |

 

    धुआं कम तो स्वास्थ्य अति उत्तम |      सोच भला, कर भला तो हो भला |

   

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