Hindi, asked by lakshyadhama84, 3 months ago

शॉल किस ऊन से बनती है।​

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Answered by shivkumari81
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Answer:

एक शॉल में कम-से-कम तीन बकरों के ऊन का इस्तेमाल होता है और हर बकरे से लगभग 80 ग्राम अच्छी ऊन मिल जाती है। पशमीना के लिए इन ऊनों को चरखे के ज़रिए हाथों से ही काता जाता है। ये काम काफी मुश्किल और थकाने वाला होता है, इसीलिए ऊन कोई अनुभवी कारीगर ही काट सकता है। इसे काटने के आलावा डाइ करने में भी काफी मेहनत, समय लगता है।

Explanation:

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Answered by shivansh395945
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Answer:

सर्दियां शुरू हो रही हैं और इसके साथ ही वुलेन कपड़ों की खरीदारी भी शुरू हो जाएगी। सर्दी के मौसम में पशमीना शॉल काफी गर्मी देती है। पशमीना कश्मीर का फैब्रिक है जो अपने मुलायम टेक्सचर के लिए जाना जाता है। लेकिन सबसे मुश्किल होता है, पशमीना की पहचान करना। हम आपको बता रहे हैं कैसे करें असली पशमीना की पहचान।

पशमीना की बड़ी सी शॉल को अंगुठी के अंदर से बाहर निकाला जा सकता है।

असली पशमीना बेहद मुलायम और वजन में हल्का होता है।

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रियल पशमीना पर कभी लेबल नहीं लगाया जाता, बल्कि सलाई से सिला जाता है।

कैसे बनती है पशमीना शॉल

पशमीना शॉल हाथ और मशीन दोनों से बनाई जाती है, लेकिन बेहतर हाथों से बनी पशमीना शॉल होती है। एक शॉल में कम-से-कम तीन बकरों के ऊन का इस्तेमाल होता है और हर बकरे से लगभग 80 ग्राम अच्छी ऊन मिल जाती है। पशमीना के लिए इन ऊनों को चरखे के ज़रिए हाथों से ही काता जाता है। ये काम काफी मुश्किल और थकाने वाला होता है, इसीलिए ऊन कोई अनुभवी कारीगर ही काट सकता है। इसे काटने के आलावा डाइ करने में भी काफी मेहनत, समय लगता है।

आज भारत से कहीं ज्यादा विदेशों में पशमीना की मांग है इसलिए इसे नए स्टाइल में तैयार किया जाता है। पशमीना से कुरतियां, जैकेट्स, भी तैयार किये जा रहे हैं।

First published:October 27, 2015, 10:34 IST

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