शॉल किस ऊन से बनती है।
Answers
Answered by
1
Answer:
एक शॉल में कम-से-कम तीन बकरों के ऊन का इस्तेमाल होता है और हर बकरे से लगभग 80 ग्राम अच्छी ऊन मिल जाती है। पशमीना के लिए इन ऊनों को चरखे के ज़रिए हाथों से ही काता जाता है। ये काम काफी मुश्किल और थकाने वाला होता है, इसीलिए ऊन कोई अनुभवी कारीगर ही काट सकता है। इसे काटने के आलावा डाइ करने में भी काफी मेहनत, समय लगता है।
Explanation:
Hope it helps you
Answered by
0
Answer:
सर्दियां शुरू हो रही हैं और इसके साथ ही वुलेन कपड़ों की खरीदारी भी शुरू हो जाएगी। सर्दी के मौसम में पशमीना शॉल काफी गर्मी देती है। पशमीना कश्मीर का फैब्रिक है जो अपने मुलायम टेक्सचर के लिए जाना जाता है। लेकिन सबसे मुश्किल होता है, पशमीना की पहचान करना। हम आपको बता रहे हैं कैसे करें असली पशमीना की पहचान।
पशमीना की बड़ी सी शॉल को अंगुठी के अंदर से बाहर निकाला जा सकता है।
असली पशमीना बेहद मुलायम और वजन में हल्का होता है।
Advertisement
रियल पशमीना पर कभी लेबल नहीं लगाया जाता, बल्कि सलाई से सिला जाता है।
कैसे बनती है पशमीना शॉल
पशमीना शॉल हाथ और मशीन दोनों से बनाई जाती है, लेकिन बेहतर हाथों से बनी पशमीना शॉल होती है। एक शॉल में कम-से-कम तीन बकरों के ऊन का इस्तेमाल होता है और हर बकरे से लगभग 80 ग्राम अच्छी ऊन मिल जाती है। पशमीना के लिए इन ऊनों को चरखे के ज़रिए हाथों से ही काता जाता है। ये काम काफी मुश्किल और थकाने वाला होता है, इसीलिए ऊन कोई अनुभवी कारीगर ही काट सकता है। इसे काटने के आलावा डाइ करने में भी काफी मेहनत, समय लगता है।
आज भारत से कहीं ज्यादा विदेशों में पशमीना की मांग है इसलिए इसे नए स्टाइल में तैयार किया जाता है। पशमीना से कुरतियां, जैकेट्स, भी तैयार किये जा रहे हैं।
First published:October 27, 2015, 10:34 IST
Explanation:
I HOPE you UNDERSTAND my METHOD bro please mark as braliest
Similar questions