तेल सरंक्षण पर निबंध प्रस्तावना सहित
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तेल सरंक्षण
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दुनिया भर में तेल पर हाहाकार मचा हुआ है । आज की तारीख में तेल एक आवश्यक आवश्यकता में सुमार हो चुका है । विश्व के विभिन्न देश तेल क्षेत्रों पर अपने आधिपत्य जमाने में लगे हुए हैं । खाड़ी युद्ध इसके जीवंत उदाहरण है । हिंदी का एक कहावत है -' बिन पानी सब सून '। परंतु आज के परिपेक्ष में अगर ये कहा जाए कि, ' बिना तेल सब सून ' तो गलत नहीं होगा । आज जिस तरीके से दुनिया भर में तेल भंडार में कमी आ रही है, ये वाकई चिंतनीय है । दुनिया भर के तेल संगठन भी इसके लिए आज चिंता जताने लगे हैं, जो कभी तेल के अनुचित दोहन करते नहीं थकते थे । परंतु आज सभी को तेल संरक्षण के विषय में सचेत होना पड़ेगा ।
तेल विश्व का परिवहन ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है । इसके विकल्प की तलाश वर्षों से जारी है । वैज्ञानिक निरंतर तेल की इतर ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों की खोज में और अनुसंधान में दिन रात एक किये हुए । दुनिया के सभी देश तेल जैसे जीवाश्म ईधन पर लगभग पूरी तरह निर्भर है । जिस दिन ये तेल भंडार खत्म होगा, सारी दुनिया के कदम रूक से जाऐंगे । छोटे बड़े कल करखाने जो तेल के भरोसे चल रहे है, सब ठप पड़ जाऐंगे । दुनिया में आपातकाल स्थिति हो जाएगी । इस आपातकाल से निपटने के लिए हमारे पास अभी तक कोई ऊर्जा का विकल्प मौजूद नहीं है । अतः जरूरी है कि तेल का सभी देश मिल संरक्षण का प्रयास करे । तेल के अनुचित दोहन से बचा जाए ।
पूरी दुनिया को पता है कि तेल एक जीवाश्म ईधन है और यह हजारों वर्ष की प्रक्रिया के उपरांत बनता है । अर्थात् इसका समीत भंडार है जो एक न एक दिन खत्म हो जाएगी । जिस दिन ये भंडार खत्म होगा, दुनिया में तेल के लिए हाहाकार मच जाएगा, इसलिए जरूरी है कि तेल संरक्षण के प्रति जागरूक फैलाई जाए । ताकि तेल के महत्व और उसका अनुचित दोहन के विषय से लोगों को अवगत कराया जा सके । तेल के सीमित भंडार के बारे में व्यक्ति व्यक्ति को जानकारी होनी चाहिए, तभी जाकर तेल के भंडार को लम्बे समय के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है ।
तेल संरक्षण के प्रति दुनिया के विभिन्न देशों, तेल संगठन देशों, संयुक्त राष्ट्र संघ और विभिन्न समितियों को आगे आना ही होगा । तभी तेल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा ।
दुनिया के तेल संरक्षण हेतु; तेल से इतर ऊर्जा के स्रोत को हरसंभव प्रयोग करना होगा । उदाहरण के तौर पर - सोलर एनर्जी, पनबिजली, पवन ऊर्जा, समुद्री ऊर्जा, ताप ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, गोबर गैस इत्यादि । साथ ही साथ जीवाश्म तेल के जगह पर जैविक तेल को जीवाश्म तेल की तरह उपयोग लाए जाने संबंधी शोध कार्य किया जाना चाहिए । इसके अलावे जितना अधिक से अधिक तेल पर से निर्भरता कम हो उतना ही अच्छा होगा ।
हम सभी आदतन आनावश्यक रूप से तेल का उपयोग करते है, जिस पर गौर करने की जरूरत है । उदाहरण के तौर पर हम अकेले दफ्तर या बाजार कार से चले जाते है, जबकि एक व्यक्ति का परिवहन कार्य मोटरसाइकिल से भी हो सकता है । परन्तु हम सब जाने-अनजाने अपने-अपने एस्टेटस मेंटेन करने हेतु तेल का दुरुपयोग करते हैं। इन छोटी छोटी बाते जो भविष्य में हमरी जिन्दगी की गति को रोकने में कारगर साबित होगी, उन पर गौर करने की आवश्यकता है ।
खुद के जीवन सुगम रखने के लिए, दुनिया को बचाने के लिए तेल संक्षरण अतिआवश्यक है । अतः हम सभी को मिलकर तेल संरक्षण करनी चाहिए, ताकि हमारी भावी पीढ़ी हमपे गर्व करे ।