Hindi, asked by raushansingh3773, 10 months ago

टोपी और जूते की आनुपातिक मुल्य के
माहयम से लेखक क्या
कहना चाहता है​

Answers

Answered by shivamsharma1256
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Answer:

टोपी आठ आने में मिल जाती है और जूते उस ज़माने में भी पांच रुपये से कम में क्या मिलते होंगे। जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियां न्योछावर होती हैं। तुम भी जूते और टोपी के आनुपातिक मूल्य के मारे हुए थे।

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