Physics, asked by sushiladave5, 1 month ago

. वेग वर्णक के सिद्धान्त को समझाइए।​

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Answered by vandanapargaonkar060
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Answer:

किसी वस्तु का वेग निर्देश तंत्र में उसकी स्थिति में परिवर्तन की दर होती है और यह समय का फलन होती है। ... वेग चिरसम्मत भौतिकी में पिण्डों की गति को वर्णित करने वाली शाखा में गतिकी का एक मूलभूत अवधारणा है। वेग एक सदिश भौतिक राशि है; जिसके लिए परिमाण और दिशा दोनों आवश्यक हैं।

Answered by avdheshgoyal35
0

Answer:

किसी वस्तु का वेग निर्देश तंत्र में उसकी स्थिति में परिवर्तन की दर होती है और यह समय का फलन होती है। वेग चिरसम्मत भौतिकी में पिण्डों की गति को वर्णित करने वाली शाखा में गतिकी का एक मूलभूत अवधारणा है। वेग एक सदिश भौतिक राशि है; जिसके लिए परिमाण और दिशा दोनों आवश्यक हैं।

Explanation:

किसी वस्तु का वेग निर्देश तंत्र में उसकी स्थिति में परिवर्तन की दर होती है और यह समय का फलन होती है। ... वेग चिरसम्मत भौतिकी में पिण्डों की गति को वर्णित करने वाली शाखा में गतिकी का एक मूलभूत अवधारणा है। वेग एक सदिश भौतिक राशि है; जिसके लिए परिमाण और दिशा दोनों आवश्यक हैं।

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