Biology, asked by mahimakumarimahimaku, 11 months ago

वसा की मात्रा किस स्थिति में बढ़ा देनी चाहिए? 1)हृदय संबंधित रोग में 2)कुपोषण में 3)मधुमेह में 4)उपयुक्त कोई नहीं।।

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Answered by priyankamgem
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मधुमेह के रोगियों के लिए अपने भोजन पर नियंत्रण रखना अत्यंत आश्यक है। कई बार इन्सुलिन लेने वाले मधुमेह के रोगियों को जो भोजन तालिका चिकित्सा द्वारा बतायी जाती है उसमें चाय एवं काफी का भी उल्लेख होता है। उन्हें सिर्फ क्रीम और शर्करा न लेने के लिए कहा जाता है। चाय और काफी का प्रयोग मधुमेह से ग्रस्त किसी भी व्यक्ति के लिए न करना ही श्रेयस्कर है, चाहे वह इन्सुलिन पर निर्भर हो अथवा नहीं। ये पदार्थ अच्छे स्वास्थ के निर्माण में सहायक नहीं होते हैं। ऐसे रोगियों को कई बार चिकित्सकों द्वारा डबलरोटी, अचार, अंडे आदि लेने की सलाह भी दी जाती है पर हमें यह ध्यान रखना चाहिए की ये पदार्थ मधुमेह के रोगी के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थों की श्रेणी में नहीं आते हैं।

मधुमेह से ग्रस्त रोगियों को किसी भी वस्तु से अधिक ताजी, हरी सब्जियों की आवश्यकता होती है । प्रत्येक भोजन के साथ सलाद प्रचुर मात्रा में लिया जाना चाहिए । जब हम आधिक मात्रा में फल एवं सब्जियां लेते हैं तो शरीर में अधिक पानी पहूंचता है । यह गुर्दों एवं मूत्र उत्सर्जन तंत्र के लिए आवश्यक है । मधुमेह की स्थिति में हमें अपने गुर्दों एवं मूत्र उत्सर्जन तंत्र को अच्छी हालत में रखना चाहिए क्योंकी यह रोग गुर्दों पर एक प्रकार का तनाव डालता है । मधुमेह के रोगियों को मिठाई, चाय. काफी, मादक द्रव्यों तथा ध्रूमपान आदि को तुरंत बंद कर देने का प्रयास करना चाहिए । चर्बी और शर्करा दोनों में कमी आने से आश्चर्य और उत्साहवर्धक परिणाम सामने आते हैं ।

मधुमेह से ग्रस्त व्यक्ति को यह भलीभांति समझ लेना चाहिए है की यदि वह असमानता से खाना शुरू कर देगा तो शरीर उस भोजन के अनुकूल हो जाएगा । प्राय: देखा गया है कि अधिकांश व्यक्ति अपने वजन एवं शरीर के आकार-प्रकार को परिवर्तित करना नहीं चाहते । मधुमेह से ग्रस्त बहूत से व्यक्ति भोजन की अपनी आदतों के कारण ही पेट की तकलीफों, कब्ज तथा यकृत के विकारों सी पीड़ित रहते हैं ।

आहार नियंत्रण की आवश्यकता

सामान्य जीवन व्यतीत करने के लिए मधुमेह के रोगी को आहार नियंत्रण के नियमों का पालन करना चाहिए । यहाँ इस बात पर भी ध्यान रखना जरूरी है की मधुमेह के रोगी की आयु और रोग की स्थिति पर ही उसका आहार निर्भर करता है । इसलिए एक ही आहार मधुमेह के सभी रोगियों को नहीं दिया जा सकता ।

आहार नियंत्रण में उपयोगी बातें

मधुमेह के रोगियों को अपना आहार निर्धारण करते समय किन- किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए -

मधुमेह के प्रत्येक रोगी का उद्येश्य यही होना चाहिए की वह अपनी रक्त शर्करा के स्तर को यथासम्भव नियंत्रण में रखे । आहार इस उद्येश्य की पूर्ति में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसलिए मधुमेह के रोगी को अपने आहार का निर्धारण करे समय निम्नलिखित सिद्धांतों को आवश्यक रूप से ध्यान में रखना चाहिए ।

आहार संतुलित हो जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट तथा वसा आदि प्रदान करने वाले तत्व आवश्यक मात्रा में हों ।

शरीर के लिए आवश्यक विटामिन, खनिज लवण तथा फाइबर आदि पर्याप्त मात्रा में होना

शरीर का वजन आदर्श बनाए रखने के लिए उपयुक्त कैलोरी आहार द्वारा शरीर को मिलती रहें ।

मधुमेह की जटिलताएँ उत्पन्न होने पर उनका नियमन किया जाना संभव हो ।

रोगी का आहार विविधता पूर्ण हो ताकि वह अच्छी तरह से ग्रहण किया जा सके । आहार नियंत्रण के नाम पर कड़वी चीजें खाते- खाते कई बार रोगियों को इससे आरूचि हो जाती है । अत: आहार निर्धारण में रोगियों की रुचि का ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक हैं ।

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