वस्तुओं में निरंतर बढ़ती महंगाई को लेकर दो महिलाओं की चिंता पूर्वक बातचीत संवाद के रूप में लिखिए
Answers
वस्तुओं में निरंतर बढ़ती महंगाई को लेकर दो महिलाओं के बीच संवाद
Explanation:
अनिता: क्या बात है सुनीता बहन तुम बहुत परेशान दिख रही हो।
सुनीता: क्या बताऊं अनिता बहन इस बढ़ती महंगाई ने तो नाक में दम कर रखा है।
अनिता: हाँ घर महंगाई तो बढ़ रही है पर इतना दुखी क्यों हो?
सुनीता: अरे बहन देखो ना मेरे पास ₹80 ही थे तो मुझे लगा चलो एक बोतल तेल ले आते हैं लेकिन आज पता चला कि तेल ₹100 लीटर हो गया है । अब तुम ही बताओ इतनी महंगाई में हम कहां से खर्चे चलाएंगे
अनिता: हाँ यह तो सच में चिंता का विषय है मेरे साथ भी परसों यही हुआ था मैं आटा लेने गई तो 5 किलो आटा 8 किलो की कीमत पर मिला।
सुनीता: पता नहीं यह सरकार कब बदलेगी और कब हमें महंगाई से निजात मिलेगी।
अनिता: हमारे पास चुनाव में इस सरकार को गिराकर दूसरी सरकार को लाने का अधिकार है। तो हम इस बार इस सरकार को वोट ही नहीं देंगे।
सुनीता: चलो यह भी कर कर देख लेते हैं शायद महंगाई कम हो जाए।
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Answer:
bro pls mark me brilliant pls
Explanation:
अनिता: क्या बात है सुनीता बहन तुम बहुत परेशान दिख रही हो।
सुनीता: क्या बताऊं अनिता बहन इस बढ़ती महंगाई ने तो नाक में दम कर रखा है।
अनिता: हाँ घर महंगाई तो बढ़ रही है पर इतना दुखी क्यों हो?
सुनीता: अरे बहन देखो ना मेरे पास ₹80 ही थे तो मुझे लगा चलो एक बोतल तेल ले आते हैं लेकिन आज पता चला कि तेल ₹100 लीटर हो गया है । अब तुम ही बताओ इतनी महंगाई में हम कहां से खर्चे चलाएंगे
अनिता: हाँ यह तो सच में चिंता का विषय है मेरे साथ भी परसों यही हुआ था मैं आटा लेने गई तो 5 किलो आटा 8 किलो की कीमत पर मिला।
सुनीता: पता नहीं यह सरकार कब बदलेगी और कब हमें महंगाई से निजात मिलेगी।
अनिता: हमारे पास चुनाव में इस सरकार को गिराकर दूसरी सरकार को लाने का अधिकार है। तो हम इस बार इस सरकार को वोट ही नहीं देंगे।
सुनीता: चलो यह भी कर कर देख लेते हैं शायद महंगाई कम हो जाए।