4) धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पिअत अघाय।
उदधि वडाईकौन है जगत पियासो जाए।।
बिगरी बात बने नहीं लाख करो किन कोय।
रहिमन फाटे दूध को मये न माखन होय।।
कदोहों के रचयिता का नाम लिखिए।
खाकवि ने सागर की अपेक्षा पंकजल को धन्य क्यों कहा है।
ग) बिगड़ी हुई बात फिर से क्यों नहीं बनती?
please answer its urgent
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sagar k upeccha pankaj JAL ko dhanya Es leye bola gya hai kyuke sagar ka JAL namkin hota hai or pankaj JAL metha hota hai ...begri Hui baat fer se nhi ban paati hai kyuke wo baat begar chuki hui hote hai agar baat ko begarne se phle he sambhal leya Jaye to sab kuch accha ho sakta hai
hope it will help you
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