भाव स्पष्ट कीजिए -
(क) छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात।
(ख) छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल ?
Answers
(क) छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात।
कवि ने धूल-माटी से खेलते बच्चे और उसकी निश्छल मुस्कान को कमल के फूल के समान बताया है | कवि का मन बालक को देखकर प्रसन्न हो जाता है | वे कहते हैं ऐसा लगता है कमल, तालाब छोड़कर मेरे आँगन में खिल रहे हों |
(ख) छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल ?
भाव यह है की बालक का स्पर्श में ऐसा जादू होता है की कठोर और भावहीन प्रकृति वाले मनुष्य के हृदय में भी आनंद का संचार कर दे | कवि का नीरस मन बालक को स्पर्श कर प्रफुल्लित हो गया था |
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व्याख्या कीजिए :
जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है
जितना भी उँड़ेलता हूँ, भर-भर फिर आता है
दिल में क्या झरना है ?
मीठे पानी के सोता है
भीतर वह, ऊपर तुम
मुस्काता चाँद ज्यों धरती पर रात-भर
मुझ पर त्यों तुम्हारा ही खिलता वह चेहरा है !
उपर्युक्त पंक्तियों की व्याख्या करते हुए यह बताइए कि यहाँ चाँद की तरह आत्मा पर झुका चेहरा भूलकर अंधकार - अमावस्या में नहाने की बात क्यों की गई है ?
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