इंजीनियर बनने का सपना
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अनुज कुमार शर्मा की मदद एनबीटी रीडर्स ने 2014 में की थी। इस मदद की बदौलत अनुज का इंजीनियर बनने का सपना पूरा हो रहा है। अनुज ने इस साल जुलाई में द्वारका के एनएसआईटी में एडमिशन ले लिया है। अनुज को एनबीटी रीडर्स ने 5 लाख 47 हजार रुपये दिए थे। अनुज उन 15 होनहार स्टूडेंट्स में से एक है जिसकी कहानी के बारे में हमने आपको साल 2014 में बताया था। एनबीटी हेल्प ए स्टार से अनुज को लोगों ने खूब मदद की। अनुज ने कहा कि दिल्ली वालों की मदद से उसका इंजीनियर बनने का सपना पूरा हो जाएगा। लोगों से जो मदद मिली है, उसके लिए सभी को धन्यवाद करता हूं। साथ ही मैं अब लोगों से वादा करता हूं कि मैं कामयाब बनकर अपने जैसे ही बच्चों के लिए बढ़चढ़ कर मदद करुंगा। अनुज बेहद ही गरीब परिवार से है और उनके पिता शिव कुमार शर्मा एक फोटो स्टूडियो में हेल्पर का काम करके महज 6 हजार रुपये ही कमा पाते हैं।
अनुज की पिछले साल जुलाई में खबर आने के बाद उसे सुपर 30 में टेस्ट देने का मौका मिला। जिसे उसने क्रैक कर लिया। इस साल जून महीने में सुपर 30 से आईआईटी जेईई एडवांस्ड के लिए साल भर पढ़ाई की और अनुज ने जेईई एडवांस्ड एग्जाम में 9114 रैंक हासिल की। फिलहाल अनुज का सीबीएसई की ओर से कंडक्ट किए गए एग्जाम जेईई मेन में 5020 रैंक आई। जिसके बेस पर उनका एनएसआईटी में दाखिला हो गया। अनुज ने कहा कि पिछले साल जून में उसने सोच लिया था कि या तो वह अपनी पढ़ाई छोड़ देगा या फिर डीयू के किसी कॉलेज में एडमिशन ले लेगा। किराड़ी में एक छोटे मकान में रहने वाले अनुज के घर में मां-पिता के अलावा दो भाई भी हैं। अनुज ने जब अपनी 12वीं क्लास पूरी की थी तब उसके पास पहनने को चप्पल भी नहीं थी। वह अकसर टूटी चप्पल पहनकर ही घर से बाहर निकलता था। उनके पिता के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह बेटे को ट्यूशन पढ़ा पाते। अनुज ने अपनी मेहनत और लगन से 12वीं में साइंस स्ट्रीम में 94.4 मार्क्स हासिल किए।
अनुज के पिता शिव कुमार शर्मा ने एनबीटी रीडर्स का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि अगर एनबीटी के जरिए लोगों की हेल्प उनके बेटे को नहीं मिलती, तो अनुज का इंजीनियर बनने का सपना अधूरा रह जाता। अब अनुज का दाखिला अच्छे इंस्टिट्यूट में हो गया और लोगों ने जितनी मदद की है, उससे अनुज की चार साल की इंजीनियरिंग की फीस पूरी हो जाएगी। अनुज आईटी स्ट्रीम से इंजीनियरिंग कर रहा है। अनुज ने एनबीटी रीडर्स से अपील की है वह भी स्टूडेंट्स की मदद करें जिससे बाकी गरीब स्टूडेंट्स के भी सपने पूरे हो सकें।
अनुज की पिछले साल जुलाई में खबर आने के बाद उसे सुपर 30 में टेस्ट देने का मौका मिला। जिसे उसने क्रैक कर लिया। इस साल जून महीने में सुपर 30 से आईआईटी जेईई एडवांस्ड के लिए साल भर पढ़ाई की और अनुज ने जेईई एडवांस्ड एग्जाम में 9114 रैंक हासिल की। फिलहाल अनुज का सीबीएसई की ओर से कंडक्ट किए गए एग्जाम जेईई मेन में 5020 रैंक आई। जिसके बेस पर उनका एनएसआईटी में दाखिला हो गया। अनुज ने कहा कि पिछले साल जून में उसने सोच लिया था कि या तो वह अपनी पढ़ाई छोड़ देगा या फिर डीयू के किसी कॉलेज में एडमिशन ले लेगा। किराड़ी में एक छोटे मकान में रहने वाले अनुज के घर में मां-पिता के अलावा दो भाई भी हैं। अनुज ने जब अपनी 12वीं क्लास पूरी की थी तब उसके पास पहनने को चप्पल भी नहीं थी। वह अकसर टूटी चप्पल पहनकर ही घर से बाहर निकलता था। उनके पिता के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह बेटे को ट्यूशन पढ़ा पाते। अनुज ने अपनी मेहनत और लगन से 12वीं में साइंस स्ट्रीम में 94.4 मार्क्स हासिल किए।
अनुज के पिता शिव कुमार शर्मा ने एनबीटी रीडर्स का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि अगर एनबीटी के जरिए लोगों की हेल्प उनके बेटे को नहीं मिलती, तो अनुज का इंजीनियर बनने का सपना अधूरा रह जाता। अब अनुज का दाखिला अच्छे इंस्टिट्यूट में हो गया और लोगों ने जितनी मदद की है, उससे अनुज की चार साल की इंजीनियरिंग की फीस पूरी हो जाएगी। अनुज आईटी स्ट्रीम से इंजीनियरिंग कर रहा है। अनुज ने एनबीटी रीडर्स से अपील की है वह भी स्टूडेंट्स की मदद करें जिससे बाकी गरीब स्टूडेंट्स के भी सपने पूरे हो सकें।
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