कृपया बैठिए अर्थ के आधार पर वाक्य का प्रकार बताइए
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vidhan vachya vakya is answer
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कृपया बैठिए अर्थ के आधार पर वाक्य का प्रकार आज्ञावाचक वाक्य हैं.
Explanation:
उदहारण:
सोनाक्षी मेरी बड़ी बहन है। अर्थ के आधार पर वाक्य का प्रकार बताइए।
सोनाक्षी मेरी बड़ी बहन है।
अर्थ के अनुसार वाक्य भेद : विधानवाचक वाक्य
विधानवाचक वाक्य में किसी कार्य के पूरा होने का ज्ञान होता है। वाक्य में किसी सूचना या संदेश प्राप्त होने का ज्ञान होता है।
अर्थ के आधार पर वाक्य आठ प्रकार के होते हैं,
- विधानवाचक वाक्य
- निषेधवाचक वाक्य
- आज्ञावाचक वाक्य
- विस्मयादिवाचक वाक्य
- प्रश्नवाचक वाक्य
- संदेहवाचक वाक्य
- संकेतवाचक वाक्य
- इच्छावाचक वाक्य
अर्थ के आधार पर वाक्य के प्रकार
1) विधानवाचक वाक्य (Affirmative sentence )
जिस वाक्य से क्रिया करने या होने का ज्ञान हो, उसे विधानवाचक वाक्य के नाम से जाना जाता है।
जैसे :- समा खेल रही है।
2) निषेधवाचक वाक्य (Negative sentence)
जिस वाक्य में क्रिया न करने या न होने का ज्ञान हो, उसे निषेधवाचक वाक्य के नाम से जाना जाता है।
जैसे :- अंदर आना मना है।
3) प्रश्नवाचक वाक्य (Interrogative sentence)
जिस वाक्य में प्रश्न का ज्ञान हो , उसे प्रश्नवाचक वाक्य केनाम से जाना जाता है।
जैसे :- तुम क्या कर रहीं हो ?
4) संदेहवाचक वाक्य (Skeptical sentence)
जिस वाक्य में संदेह या संभावना का ज्ञान हो, उसे संदेहवाचक वाक्य के नाम से जाना जाता है।
जैसे :- शायद आज धूप होगी।
5) संकेतवाचक वाक्य (Indicative sentence)
जिस वाक्य में एक क्रिया दूसरी क्रिया पर निर्भर होने का संकेत या इशारा हो, उसे संकेतवाचक वाक्य के नाम से जाना जाता है।
जैसे :- यदि धूप होती तो पानी की नमी न होती।
6) इच्छावाचक वाक्य (Optative sentence )
जिस वाक्य में इच्छा , शुभकामना , आशीर्वाद , आशा आदि के भाव प्रकट हो, उसे इच्छावाचक वाक्य के नाम से जाना जाता है।
जैसे :- मुझे आज घूमने जाने का मन हो रहा है। (इच्छा-wish का भाव )
आप अच्छे नम्बरों से पास हो। (शुभकामना-greetings का भाव )
सदा सौभाग्यवती हो। (आशीर्वाद-blessings का भाव )
7) आज्ञावाचक वाक्य (Imperative sentence)
जिस वाक्य में आज्ञा , उपदेश , आदेश , अनुमति या प्रार्थना आदि के भाव उत्पन्न हो, उसे आज्ञावाचक के नाम से जाना जाता है।
जैसे :- तुम अंदर जाओ। (आज्ञा-order का भाव )
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती (उपदेश-advice का भाव )
तुम क्रिकेट खेलने के लिए बाहर जा सकते हो। (अनुमति-permission का भाव )
8) विस्मयादिवाचक वाक्य (Exclamatory sentence)
जिस वाक्य में विस्मय , हर्ष , क्रोध , घृणा आदि के भाव प्रकट हों , उसे विस्मयादिबोधक, उसे आज्ञावाचक के नाम से जाना जाता है।
जैसे :- अरे ! तुम कितनी खूबसूरत लग रही हो। (विस्मय-amazement का भाव )
धन्य – धन्य ! तुम सबसे अच्छे नंबर से पास हो गए। (हर्ष-happiness का भाव )
बस करो ! तुम्हें कुछ समज में क्यों नहीं आता ? (क्रोध-anger का भाव )
छिः ! कितना गंदा खाना है। (घृणा-hate का भाव )
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