नॉर्डिक जर्मन आर्य.
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आर्यन शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के आर्य शब्द से हुई है, विशुद्ध संस्कृत में इसका अर्थ "सम्माननीय, आदरणीय और उत्तम होता है".[4][5]
18वीं शताब्दी में जो लोग पुरानी हिन्द युरोपीय भाषा के जानकर थे उनके पूर्वज भारतीय और ईरानी मूल के लोग थे। आर्यन शब्द का प्रयोग न केवल भारतीय और ईरानी लोगों के लिए किया जाता था बल्कि इसका इस्तेमाल हिन्द युरोपीय मूल के लोगों के लिए भी किया जाता था, इनमें अल्बानियाई, कुर्द, आर्मेनियाई, यूनानी, लातीनी और जर्मन भी शामिल थे। बाद में बाल्टिक, सेल्ट्स और स्लाविक भी इसी समूह में गिने जाने लगे। इसके संबंध में ये तर्क दिया गया कि इन सभी भाषाओं का मूल स्रोत एक ही है - जिसे आज पुर्तगाली और यूरोपीय के नाम से जाना जाता है, दरअसल ये वो भाषाएं हैं जिनके बोलने वालों के पूर्वज यूरोपीय, ईरानी आर्यायी थे। ये पुर्तगाली-यूरोपियन के सजातीय समूह और उनके वंशजों को आर्यायी कहा जाता है। परन्तु कुछ विद्वानों का मानना है कि आर्य शब्द संस्कृत से लिया गया है जिसका मतलब श्रेष्ट होता है और संस्कृत सभी भाषाओं की जननी मानी जाती है। अतएव यह कहा जा सकता है कि आर्य कोई जाति या नस्ल नही बल्कि एक शब्द है जो श्रेष्ट के स्थान पर प्रयोग किया जाता था।
Explanation:
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