८‐सही कारक का
योग करकेक
वता पणू
क
जए –
आकाश ‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐साफा बाधँकर ,
सूरज ‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐
चलम खीचता|
बठैा हैपहाड़ ,
घुटन
‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐पड़ी हैनद
चादर सी ,
पास ही दहक रही है|
पलाश ‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐जगंल ‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐अँगीठ
अंधकार
र पवू
‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐
समटा बठैा हैभेड़
‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐ग
ले– सा
अचानक ‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐बोला मोर |
जसैे
कसी ‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐आवाज़ द
‘‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐‐! सुनतेहो |’
चलम आँधी धुआँउठा ,सूरज डूबा
अँधेरा छा गया |
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