तारामंडल कितने हैंप्रकाश वर्ष का एस आई मात्रक
Answers
वाचस्पति मिश्र द्वारा रचित “तात्पर्यटीका” में प्रकाश के वेग, और उसके द्वैत स्वभाव का उल्लेख है।
सायणाचार्य ने प्रकाश के वेग का उल्लेख कुछ इस प्रकार किया है-
योजनानां सहस्रे द्वे द्वे शते द्वे च योजने।
एकेन निमिषार्धेन क्रममाण नमोऽस्तु ते ॥
अर्थात् आधे निमेष में 2202 योजन का मार्गक्रमण करने वाले प्रकाश तुम्हें नमस्कार है। इसमें निमेष और योजन को सेकेण्ड तथा किमी में बदलने पर प्रकाश का वेग 299,938.5 किमी/से आता है जो वर्तमान में मापे गये प्रकाश के वेग (299792458 मी/सेकेण्ड) के बहुत समीप है।
निमेष : यह हिन्दू समय मापन इकाई है। यह इकाई अति लघु श्रेणी की है। एक निमेष अर्थात पलक झपकने में लगे समय का आधा, यानि पलक के नीचे आने या ऊपर जाने के समय का माप्। कुछ स्थानों पर इसे पलक झपकने के समय के बराबर भी बताया गया है।
योजन : योजन वैदिक काल की हिन्दू लम्बाई मापन की इकाई है।
१ योजन कितनी दूरी होती है, यह अलग-अलग भारतीय खगोलविदों ने अलग-अलग दिया है। सूर्य सिद्धान्त में १ योजन को ८ किमी के बराबर लिया गया है। इसी तरह आर्यभटीय में भी १ योजन को ८ किमी लिया गया है। किन्तु १४वीं शताब्दी के खगोलविद परमेश्वर ने १ योजन को १३ किमी के बराबर लिया है।